झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी Maiya Samman Yojana के तहत बिरनी प्रखंड की सैकड़ों महिलाओं को अभी तक राशि नहीं मिली है। प्रखंड के 181 गांवों की कई महिलाएं अपने बैंक खातों में पैसा न आने से नाराज़ हैं और बार-बार बैंक, प्रखंड कार्यालय और पंचायत भवन के चक्कर लगा रही हैं।
अधिकारियों के चार बहाने
महिलाओं को टालने के लिए अधिकारी अक्सर ये चार जवाब देते हैं:
- राशि आने वाली है, घर जाइए” – प्रखंड कार्यालय के कर्मचारी भीड़ कम करने के लिए महिलाओं को झूठा आश्वासन देकर वापस भेज देते हैं।
- “आपका आवेदन स्वीकृत हो गया है” – लेकिन राशि नहीं आती।
- “पैसा बैंक खाते में आ गया होगा” – जबकि वास्तव में नहीं आया होता।
- KYC या DBT अपडेट करवाइए” – महिलाओं को फिर से दौड़ना पड़ता है।
हज़ारों महिलाएं अभी भी राशि से वंचित
बिरनी प्रखंड में 40,000 महिलाओं ने आवेदन किया था, लेकिन 10,000 का आवेदन रद्द हो गया। 39,000 महिलाओं को राशि मिल रही थी, लेकिन अब भी 10,000 महिलाओं के खाते में ₹7,500 नहीं पहुंचे हैं। कुछ महिलाओं का नाम ही लिस्ट से गायब है।
महिलाओं की मुश्किलें बढ़ रही हैं
जिन महिलाओं का बैंक खाता DBT (Direct Benefit Transfer) से जुड़ा है, उन्हें राशि मिल गई है। लेकिन जिनके खाते में पैसा नहीं आया, वे बार-बार प्रखंड कार्यालय, बैंक और प्रज्ञा केंद्रों के चक्कर लगा रही हैं।
महिलाओं की आवाज़
- सुनीता देवी (सिमराढाबा) – “फॉर्म भरा था, ₹1,000 मिले थे, लेकिन ₹7,500 नहीं आया।”
- एक अन्य महिला – “5 अक्टूबर 2024 को फॉर्म जमा किया, लेकिन अब तक एक रुपया भी नहीं मिला। बार-बार दौड़ने के बाद भी कोई समाधान नहीं।”
निष्कर्ष:
सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए
मंईयां सम्मान योजना एक अच्छी पहल है, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण हज़ारों महिलाएं लाभ से वंचित हैं। सरकार को इस मामले की जांच करके पैसा जल्द से जल्द महिलाओं के खातों में भेजना चाहिए, ताकि उनका विश्वास बना रहे।